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अफगानिस्तान में आतंकी ही सरकार चलाएंगे, वो हैबतुल्लाह हो या मुल्ला बरादर
1996 से 2001 के बीच में अफगानिस्तान के लोगों ने तालिबानी बर्बरता का जो चेहरा देखा था, उसकी वापसी की दहशत से ही काबुल एयरपोर्ट पर हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी. अब जब तालिबान की सरपरस्ती में अफगानिस्तान की नई सरकार का गठन होने जा रहा है, तो लोगों की आशंकाएं सच साबित होती जा रही हैं.
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